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सऊदी अरब, जहां पिता की बात ना मानने पर बेटी जा सकती है जेल

By Outcome.c :12-01-2019 06:30


बीते साल सऊदी अरब ने महिलाओं के कार चलाने को लेकर लगी पाबंदी हटा ली थी. इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब की काफ़ी सराहना हुई.

हालांकि इसके साथ वहां महिलाओं पर लगी पाबंदी ख़त्म नहीं हुई है, ख़ास कर वहां महिलाओं पर 'मेल गार्डियनशिप सिस्टम' यानी 'पुरुष अभिभावक व्यवस्था' लागू है. इसके अनुसार किसी महिला के लिए बड़े फ़ैसले लेने का अधिकार केवल उसके पिता, भाई, पति या बेटे के पास ही होता है. इसी साल जनवरी में महिलाओं पर लगी इन पाबंदियों की बात तब सामने आई थी जब अपने परिवार को छोड़ कर भागी एक सऊदी महिला ने ख़ुद को थाईलैंड के बैंकॉक में एक होटल के कमरे में ही बंद कर लिया.

18 वर्षीय रहाफ़ मोहम्मद अल-क़ुनून का कहना है कि अगर उन्हें वापस भेजा गया तो हो सकता है कि उनके घरवाले उनकी हत्या कर दें.

सऊदी अरब में महिला को पासपोर्ट बनवाने, देश के बाहर जाने, विदेश में पढ़ने या फिर सरकार से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने, शादी करने, जेल से छूटने, यौन हिंसा पीड़ितों के लिए बने आसरा गृह छोड़ने तक के लिए अपने पुरुष रिश्तेदार की मदद लेनी पड़ती है.

Source:Agency

Rashifal