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बर्थडे स्पेशल: यूं टीम इंडिया के लिए अभेद दीवार बने थे द्रविड़

By Outcome.c :11-01-2019 07:18


टीम इंडिया की 'दीवार' कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ का आज 46वां जन्मदिन है। 16 साल के लंबे इंटरनैशनल क्रिकेट करियर में द्रविड़ ने हर वह भूमिका अदा की, जो टीम को जीत की दहलीज ले जाए। राहुल द्रविड़ कभी नियमित विकेटकीपर नहीं रहे, लेकिन टीम इंडिया को जब विकेटकीपर बल्लेबाज की जरूरत पड़ी तो उन्होंने वह भूमिका भी अदा की। आइए जानते हैं, उनसे जुड़े कुछ रोचक पहलू...
राहुल द्रविड़ ने महज 12 वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। मराठी परिवार में जन्मे राहुल की परवरिश बेंगलुरु में हुई थी। उन्होंने अंडर-15, अंडर-17 से लेकर अंडर-19 तक के स्तर तक कर्नाटक टीम का प्रतिनिधित्व किया। 3 अप्रैल, 1996 को द्रविड़ ने टीम इंडिया के लिए पहला वनडे और इसी साल 20 जून को पहला टेस्ट मैच खेला। फिर यह सफर अनवरत अगले 16 बरसों तक जारी रहा।
पद्मभूषण और पद्मश्री जैसे सम्मानों से नवाजे गए द्रविड़ टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज हैं। उनके नाम कई ऐसे वर्ल्ड रेकॉर्ड भी हैं, जो बताते हैं कि द्रविड़ को क्रिकेट की दीवार यूं ही नहीं कहा जाता। राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का भी रेकॉर्ज है। राहुल ने अपने 16 बरस के करियर में 31,258 गेंदों का सामना किया और कुल 736 घंटे क्रीज पर बिताए, जो कि एक वर्ल्ड रेकॉर्ड है।

Source:Agency

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