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महीनों से जंगल में घूम रहे दो शावक, पर नहीं पता नर हैं या मादा

By Outcome.c :06-12-2018 08:11


भोपाल। भोपाल के नजदीक 10 माह से घूम रहे दो शावकों में से कौन सा नर है और कौन सा मादा है, वन विभाग के अधिकारी अब तक यह पता नहीं कर पाए हैं। ये शावक शहर के केरवा, कलियासोत और मेंडोरा के जंगल में घूम रहे हैं। बाघिन टी-123 ने भोपाल के जंगल में दो शावकों को जन्म दिया है। इनकी उम्र करीब 10 महीने से अधिक हो चुकी है। सितंबर 2018 में वन विभाग ने शावकों का नामकरण कर दिया था।

एक का नाम टी-1231 व दूसरे का नाम टी-1232 रखा गया है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि इन शावकों में कौन सा नर है व कौन सा मादा है।

ऐसे करते हैं नर-मादा होने की पहचान

वन्यप्राणी विशेषज्ञों के मुताबिक नर व मादा के पंजे के आकार में अंतर होता है। साथ ही दोनों की गतिविधियों को देखकर भी पुष्टि की जा सकती है।

भोपाल के नजदीक इस तरह बढ़ रही बाघों की आवाजाही

- 5 साल पहले बाघ टी-1 व बाघिन टी-2 रातापानी वन्यजीव अभयारण्य से आकर बसे थे। दोनों के बीच मैटिंग हुई। बाघिन टी-2 ने एक मादा शावक को जन्म दिया। उसका नाम टी-21 रखा गया।

- दूसरी बार मैटिंग में बाघिन टी-2 ने तीन शावक (दो मेल, एक फीमेल) को जन्म दिया। इनका नाम बाघ टी-211, बाघ टी-212 व बाघिन टी-213 रखा गया।

- बाघिन टी-2 की बेटी बाघिन टी-21 मां बनी। उसने चार शावक (दो मेल, दो फीमेल) को जन्म दिया। इनका नाम बाघ टी-121, बाघ टी-122 व बाघिन टी-123 व बाघिन टी-124 रखा गया। इनमें से बाघ टी-211 देवास व बाघ टी-212 को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व शिफ्ट कर दिया गया है।

- बाघिन टी-21 ने दूसरी बार तीन शावकों को जन्म दिया। इनका नाम टी-221, टी-222 व टी-223 रखा गया।

- बाघिन टी-2 की बेटी टी-213 ने चार शावकों को जन्म दिया। इनका नाम टी-131, टी-132, टी-133 व टी-134 रखा गया। इनमें से टी-131 नर बाघ है।

अभी पता नहीं किया

दोनों शावकों में से कौन सा नर व कौन सा मादा है, यह अभी पता नहीं चला है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू करेंगे।

-डॉ. एसपी तिवारी, सीसीएफ भोपाल वृत्त

Source:Agency

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