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नवरात्र का उपवास खोलते समय सेहत से जुड़ी इन बातों का रखें ख्‍याल

By Outcome.c :17-10-2018 11:02


अक्सर व्रत खोलने के बाद हम उन चीजों को खाना ज्यादा पसंद करते हैं जो व्रत के वक्त नहीं खा सकते हैं। यही नहीं कई बार ऐसा भी होता है कि व्रत के बाद खूब चटपटा या ज्यादा हैवी खाना खा लिया जाता है। इससे न केवल आपका पेट खराब होता है बल्कि कई बार इससे लीवर तक खराब होने की संभावना रहता है।
व्रत के बाद पारन यानी खाने का तरीका बिलकुल अलग होना चाहिए। अगर आप नौ दिन लगातार व्रत किए हों तो आपके लिए जरूरी है कि ऐसा आहार लिया जाए जो व्रत के दौरान ली गई डाइट से ही मिलता जुलता हो। यानी सीधे कुछ मिर्च मसाले वाले खाने से बचना होगा। तो आइए जानते हैं कि हमें व्रत के बाद खाना चाहिए और क्या नहीं।
व्रत के बाद कुछ इस तरह की चीजें खाएं 
नारियल पानी से करें शुरुआत - व्रत तोड़ने के बाद आपको तुरंत नारियल पानी पीना चाहिए। इसमें इलेक्टोलाइट मिनरल्स होते हैं जो बॉडी के फायदेमंद होते हैं। 
दोपहर के खाने में सादी कढ़ी खाएं- इसमें लो फैट होता है, जबकि पकौड़ी ज्यादा होती हैं। कोशिश करें कि कम तेल वाला खाना ही खाएं।
दलिया है बेस्ट - व्रत के बाद हरी सब्‍जी मिक्‍स दलिया शरीर को काफी उर्जा देगी। व्रत के बाद आप मूंग की खिचड़ी भी खा सकते हैं। ये हल्का और पेट भरने वाली डाइट है।
रोटी के साथ दाल जरूर लें- ये भी हल्की डाइट का एक विकल्प है। इडली के साथ चटनी का नाश्ता भी बेहतर रहेगा। 
पनीर- पनीर खाने का मन हो तो पनीर की भुर्जी और रोस्टेड पनीर ले सकते हैं। चाहें तो मिक्स सब्जियों को भर कर हल्के घी वाले पराठे खाएं लेकिन हो सके तो इससे भी बचें।
किन चीजों को करें अवॉइड - 

एकदम से अधिक मात्रा में घी लगी रोटी, मटर पनीर भी स्वास्थ के लिहाज से हानिकारक हो सकता है। 
चिकन, मटन बिल्‍कुल न खांए। अल्कोहल या सोडा या प्रिर्जवेटिव वाले ड्रिंक्स बिलकुल न लें।
क्या होगा नुकसान
भारी और अधिक मात्रा में भोजन खाने से एसिडिटी के शिकार हो सकते हैं। ऐसे में खट्टी डकारें दिक्‍कत होगी।
अधिक चिकनाई खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है, इससे दिल पर सीधा असर पड़ेगा।
नमक अधिक होने से प्‍यास अधिक लगेगी, थोड़ी-थोडी देर पर गला सूखेगा।
चीनी की मात्रा अधिक होने से भी तकलीफ हो सकती है।
कई बार अचानक घी-तेल का ज्यादा यूज आपके लीवर को भी खराब कर सकता है।
तकलीफ बढ़े तो यह करें 
एसिडीटी दूर करने का काम करने वाले लिक्विड ले सकते हैं। कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने पर तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें। इसके सिम्‍टम हैं जल्‍दी थक जाना, सांस फूलना। प्‍यास अधिक लगने पर चीनी का घोल पहला सोल्‍यूशन है, इसके बाद डॉक्‍टर की राय जरूर लें।
अगर डायबिटीज या ब्लड प्रेशर के पेशंट हैं तो...
डायबिटीज पेशंट उपवास के बाद अपने शुगर लेवल की जांच करें। - दोबारा से डॉक्‍टर से अपनी मेडिसिन की डोज चेक कराएं। - बीपी मरीज अपना ब्‍लड प्रेशर चेक कर दवाओं का निर्धारण डॉक्‍टर से करवा लें।

Source:Agency

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