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पाक के पहले सिख पुलिस ऑफिसर गुलाब सिंह के साथ हाथापाई, घर से निकाला

By Outcome.c :11-07-2018 06:43


पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस ऑफिसर गुलाब सिंह के साथ लाहौर में मंगलवार को उनके घर में कुछ लोगों द्वारा हाथापाई की गई और उन्हें जबरन घर से निकाल दिया गया। गुलाब सिंह ने बाद में बताया कि लाहौर के डेरा चहल इलाके के उनके घर से उन्हें जबरन घर से बाहर निकाला गया और उनकी पगड़ी खोल दी गई। 
गुलाब सिंह ने पुलिस से आग्रह किया कि उन्हें कम से कम 10 मिनट का वक्त दिया जाए। वह यहां 1947 से रह रहे हैं। हालांकि किसी से उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। बता दें कि हाल के दिनों में पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान करने हमले की खबरें आम हैं। बीते महीने ही पाकिस्तान में भी सिख कार्यकर्ता को मौत के घाट उतार दिया था। पाकिस्तान में सिख और हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। 
बाद में गुलाब सिंह ने एक विडियो में पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'मैं गुलाब सिंह पाकिस्तान का पहला सिख ट्रैफिक वॉर्डन हूं। मेरा साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसा चोरों-डाकुओं के साथ किया जाता है। मुझे मेरे घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मेरे घर में ताले लगा दिए गए। 

उन्होंने कहा, 'तारिक वजीर जो अडिशनल सेक्रटरी है और तारा सिंह जोकि पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी का भूतपूर्व प्रधान है, उन्होंने कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह काम किया है। अदालत में मेरे केस भी चल रहे हैं। इस पूरे गांव में सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया जा रहा है और मेरा घर खाली करवाया गया। आप देख सकते हैं मेरे सिर पर पगड़ी भी नहीं है। वे मेरी पगड़ी भी छीनकर ले गए और उन्होंने मेरे केश भी खींचे हैं।' 

गुलाब सिंह ने कहा, 'मैं आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि मेरी ज्यादा से ज्यादा मदद करें और इस विडियो को भी शेयर करें और पूरी दुनिया को यह बताएं कि पाकिस्तान में सिखों के साथ क्या जुल्म और ज्यादती हो रही है।' 

पिछले महीने हुई थी सिख धर्मगुरु की हत्या 
एक महीने पहले ही पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत के पेशावर में जाने-माने सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लोग तालिबान का निशाना बनते रहे हैं। इस हमले के बाद भी सिख समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था और आईएसआई पर उंगली उठाई थी। एएनआई के मुताबिक, कई परिवारों को यूरोप या भारत पलायन करने तक को मजबूर होना पड़ता है। 

रविवार को हुए हमले में जो लोग मारे गए उनमें से एक अवतार सिंह खालसा भी शामिल हैं, जो अफगानिस्तान में अक्टूबर में होने जा रहे आम चुनावों में लड़ने जा रहे थे। अफगानिस्तान में संसद की एक सीट हिंदू और सिखों के लिए आरक्षित हैं और खालसा इसी सीट से लड़ने वाले थे। 

Source:Agency

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