Breaking News

पीएचडी के लिए मैनिट के मापदंडों पर मप्र का एक भी तकनीकी विवि खरा नहीं

By Outcome.c :23-06-2018 08:49


भोपाल। मैनिट के गुणवत्ता मापदंडों पर मप्र का एक भी तकनीकी विश्वविद्यालय खरा नहीं है। इसका कारण एनआईआरएफ में एक से सौ तक की रैंक में इनका नहीं होना है। इनमें प्रदेश का राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) भी शामिल है।

मैनिट की सीनेट का मानना है कि सौ की रैंक से बाहर के संस्थानों के शोधार्थियों को शोध करवाना शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करना है। लिहाजा अब ऐसे संस्थानों के शोधार्थियों को मैनिट के प्रोफेसर शोध नहीं करवा सकते।

मैनिट में 20 जून को हुई सीनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय भी लिया गया। जिसमें प्रोफेसर्स को आईआईटी इंदौर को छोड़कर मप्र के किसी भी तकनीकी विश्वविद्यालय के शोधार्थी का गाइड नहीं बनने के आदेश जारी कर दिए गए।

इस निर्णय से वर्तमान में वे 50 पीएचडी भी प्रभावित होंगी, जिनके गाइड के रूप में मैनिट के प्रोफसर रजिस्टर्ड हैं। हालांकि मैनिट के पास इसका कोई रिकार्ड नहीं है। मैनिट में कुल 175 प्रोफेसर हैं, जिनके अधीन शोधार्थी पीएचडी कर रहे हैं। इस निर्णय के बाद संस्थान में पीएचडी करा रहे प्रोफेसर्स में असमंजस की स्थिति बन गई है।

मैनिट के डीन अकादमिक डॉ. एनडी मित्तल ने बताया कि एनआईआरएफ की सौ रैंक से बाहर के संस्थान में अध्यापन के अनुभव को पदोन्नति प्रक्रिया में भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय संस्थान की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर लिया गया है।

Source:Agency

Rashifal