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SCO समिट में पीएम मोदी ने चीन को दी नसीहत, पाक पर निशाना

By Outcome.c :11-06-2018 08:20


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंगदाओ में 18वें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट में अपने संबोधन में चीन को इशारों-इशारों में नसीहत दी। समिट के प्लेनरी सेशन में पीएम मोदी ने संप्रभुता, आर्थिक विकास, SCO देशों के बीच एकता और कनेक्टिविटी पर जोर दिया। कनेक्टिविटी पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत किसी भी ऐसे प्रॉजेक्ट का स्वागत करेगा जो सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेगा। ऐसा कहकर पीएम मोदी ने चीन की 'वन बेल्ट वन रोड' पहल को निशाना बनाया, जिसके तहत वह पाक के कब्जे वाले कश्मीर में निर्माण कर रहा है। भारत इस क्षेत्र के विवादित होने का दावा कर प्रॉजेक्ट का विरोध कर चुका है। 
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने SECURE की नई परिभाषा बताई। मोदी ने कहा, 'S'फॉर सिक्यॉरिटी ऑफ सिटिजन्स, 'E' फॉर इकनॉमिक डिवेलपमेंट, 'C' फॉर कनेक्टिविटी इन द रीजन, 'U' फॉर यूनिटी, 'R' फॉर रेस्पेक्ट सॉवरिनिटी ऐंड इंटिग्रिटी, 'E' फॉर इन्वाइरनमेंट प्रॉटेक्शन है। ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर्स के जरिए एक देश से दूसरे देश को जोड़ने को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि कनेक्टिविटी का मतलब सिर्फ भौगोलिक कनेक्शन नहीं बल्कि एक-दूसरे के नागरिकों का कनेक्शन है। मोदी ने कहा, 'भारत ऐसे किसी भी प्रॉजेक्ट का स्वागत करेगा जो समावेशी, टिकाऊ और पारदर्शी हो। ऐसी परियोजना जो सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे।' मोदी के इस बयान को चीन के OBOR पर अप्रत्यक्ष प्रहार माना जा रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए कनेक्टिविटी बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हम फिर से एक ऐसे स्टेज में आ गए हैं जहां भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी भूगोल की परिभाषा को बदल रही है। इसलिए, हमारे पड़ोस और SCO क्षेत्र में कनेक्टिविटी हमारी प्राथमिकता है।' मोदी ने कहा कि भारत सभी SCO देशों के साथ सहयोग करना पसंद करेगा। 

पाक पर भी मोदी ने ऐसे साधा निशाना 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान में शांति के मजबूत प्रयास करने के लिए अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि सभी पक्ष उनके इन कामों की सराहना करेंगे। उन्होंने इसी क्रम में गनी द्वारा ईद के मौके पर संघर्षविराम की घोषणा करने का जिक्र किया। उन्होंने एससीओ में अफगानिस्तान के लिए संपर्क समूह बनाने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन की मौजूदगी में मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद और चरमपंथ के प्रभावों का अफगानिस्तान एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है। मुझे उम्मीद है कि शांति की दिशा में राष्ट्रपति गनी ने जो मजबूत पहल की है उसका सभी पक्ष सम्मान करेंगे।’ 

Source:Agency

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