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बनारस में हुए हादसे के बाद भी नहीं चेते

By Outcome.c :17-05-2018 07:00


शाहजहांपुर : बनारस में हुए हादसे के बाद जांच और कार्रवाई शुरू हो गई हैं। आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो इस पर किसी का ध्यान नहीं है। अगर जिले की बात करें तो अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। जनता भी सबक लेने को तैयार नहीं है। निर्माणाधीन पुलों के नीचे ठेले व दुकानें लगी हुई हैं। हैवी ट्रैफिक का संचालन भी पहले की तरह हो रहा है। हादसे के एक दिन बाद की स्थिति कुछ इस तरह से थी।

पहले बात शहर की, यहां बरेली मोड़ व हरदोई बाईपास पर नेशनल हाईवे स्थित पुल निर्माणाधीन हैं। बरेली मोड़ के पुल के नीचे से भारी वाहनों का अवागमन लगातार जारी है। हरदोई बाईपास पर पुल के नीचे ठेलों के अलावा कई अस्थायी दुकानें चल रही हैं। राहगीरों के अलावा इन दुकानों पर खरीददारी करने के लिए आसपास के गांवों से लोग भी आते हैं। वाहनों का आवागमन पुल के नीचे से चौबीसों घंटे रहता है।

तिलहर : हाईवे पर तिलहर से लेकर शाहजहांपुर तक पांच ओवर ब्रिज निर्माणाधीन है। कटरा में दो व तिलहर का एक पुल शामिल है। इन पुलों के नीचे से भारी वाहनों का आवागमन जारी है। यहां पर अस्थायी बाजार बन गए हैं, जिनमें लोग खरीददारी करने पहुंचते हैं। दिन में कई बार जाम के हालात बनते हैं, पर न तो प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान है और न ही पुलिस का।

यहां नहीं कोई खतरा : भाटिया

हाईवे का निर्माण कर रही ईरा कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित भाटिया ने बताया कि विगत वर्षों में मिट्टी की अनुपलब्धता के चलते पुलों के निर्माण का कार्य प्रभावित हुआ। वर्तमान में बजट की उपलब्धता न होने के कारण करीब छह माह से काम रुका हुआ है। बनारस की घटना से यहां के अधिकारियों ने सबक क्यों नहीं लिया। पुल के नीचे से आवागमन क्यों जारी है। इसके जवाब में उन्होंने दावा किया कि बनारस की घटना और यहां अंतर है। क्योंकि बनारस पर पुल निर्माण के लिए लोहे के गाटरों को ऊपर रखा जा रहा था, जबकि जिले में यह काम हो चुका है। ऐसे में पुल के नीचे से निकलने में कोई खतरा नहीं है। उन्होंने जून के प्रथम सप्ताह तक फंड उपलब्ध होने पर कार्य शुरू होने की संभावना जतायी।

Source:Agency

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