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सिंघा दरबार : नेपाल में लोकतंत्र के लिए हुए संघर्षों की दास्तान

By Outcome.c :11-04-2018 08:26


नेपाल के राणाओं पर आधारित किताब सिंघा दरबार को मंगलवार होटल हिल्टन में लॉन्च किया गया। सिंघा दरबार राइज एंड फॉल ऑफ द राणा रेजिम इन नेपाल के लेखक साबर एस.जे.बी राणा है। प्रभा खेतान फाउंडेशन, वी केयर तथा रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस लॉन्च सेरेमनी में मुख्य अतिथि जयसिंह थे। इसके साथ ही बीना कॉक, रानी विद्या देवी, रघु सिन्हा, अपरा कुच्छल भी मौजूद थे। इस किताब में नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण कालखंड का इतिहास संतुलित तरीके से लिखा गया है। नेपाल के प्रधानमंत्री से लेकर गरीब से गरीब तबके के लोगों ने तथ्यों को अत्यंत सच्चाई और ईमानदारी के साथ साझा किया है। 

राणाओं के पास धन की प्रचुरता और नेपाल के आमजन के अभावग्रस्त जीवन यापन करने के संदर्भ में लेखक का कहना था कि यह अर्ध सत्य है कि नेपाल पर अत्याचार करने के लिए राणा पूरी तरह जिम्मेदार थे। वास्तव में जब राणाओं ने नेपाल में अपना शासन शुरू किया उससे पूर्व भी नेपाल डार्क एज में था। राणा ने बी.पी. कोइराला के बारे में कहा कि वे नेपाल के सबसे बड़े राजनीतिक व्यक्तियों में से एक थे और लोकतंत्र के कट्टर समर्थक थे। 

राइज एंड फाॅल आॅफ द राणा रेजिम इन नेपाल पुस्तक राणा वंश की कहानी है जिन्होंने 104 वर्षों तक नेपाल के राजाओं के साथ प्रधानमंत्रियों के रूप में कार्य किया था। पुस्तक में नेपाल में लोकतंत्र के लिए किए गए संघर्ष को भी शामिल किया गया है जिसका भारत के साथ घनिष्ठ संबंध रहा है। 1951 में जब राणाओं का शासन समाप्त हो रहा था और नेपाल में स्थिरता लाई जा रही थी तब आर्थिक एवं सामाजिक असमानता और अत्याचार के लिए इनकी काफी आलोचना हुई थी। इस पुस्तक में राणा परिवार के बारे में इससे पहले कभी नहीं सुने गए किस्से शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही इसमें गलत ऐतिहासिक धारणाओं को लेखक के दृष्टिकोण से दूर करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक के माध्यम से नेपाल के इतिहास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण समय की निष्पक्ष समीक्षा की गई है। 

Source:Agency

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