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जहां जल समाधि ली थी, वहीं स्थापित होगी रानी कमलापति की भव्य प्रतिमा

By Outcome.c :12-02-2018 06:35


भोपाल। बड़े तालाब में राजाभोज की प्रतिमा के बाद नगर निगम छोटे तालाब पर रानी कमलापति की प्रतिमा को स्थापित करेगा। ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए रानी कमलापति की प्रतिमा उसी स्थान पर स्थापित किया जाएगा, जहां उन्होंने छोटे तालाब पर जल समाधि ली थी। निगम प्रशासन ने जगह का चयन भी कर लिया है। इस स्थान पर आकर्षक लाइटिंग की जाएगी, ताकि दूर से प्रतिमा का नजारा देखा जा सके। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 2 करोड़ 66 लाख रुपए खर्च होंगे।

निगम अधिकारियों के अनुसार आर्च ब्रिज और कमलापति महल के बीचों बीच प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। वहां पर छोटे तालाब की गहराई करीब 30 फीट है। पानी के अंदर ही 16 फीट डायमीटर का प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा। जिसमें ऊपर 32 फीट की भव्य प्रतिमा सिंहासन पर विराजित किया जाएगा। प्रतिमा का निर्माण मेटल से किया जाएगा।

निगम प्रशासन ने मूर्ति निर्माण, प्लेटफार्म और लाइटिंग के लिए अलग-अलग टेंडर भी बुलाए गए हैं। अगले सप्ताह तक एजेंसी का चयन होना है। आगामी तीन-चार महीने में प्रतिमा स्थापना करने की तैयारी है। संभावना जताई जा रही है कि आर्च ब्रिज से पहले प्रतिमा का अनावरण हो सकता है।

इतिहास से रूबरू होंगे लोग

जिस तरह वीआईपी रोड के पास बड़े तालाब में राजाभोज की प्रतिमा स्थापित है, यहां उनके जीवनी के बारे में जानकारी दी गई है। ठीक उसी तरह छोटे तालाब पर रानी कमलापति की प्रतिमा के पास जीवन को अंकित किया जाएगा। ताकि लोग भोपाल के इतिहास से रूबरू हो सकें। निगम अधिकारियों के अनुसार प्रतिमा के पास पहुंचने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।

यह ऐतिहासिक महत्व

कमलापति महल का निर्माण करीब 300 साल पहले किया गया था, सात मंजिला इमारत में से कुछ मंजिला पानी में डूबा हुआ है। बताया जाता है कि मुगल साम्राज्य के पतन के बाद चकला गिन्नौर के गौंड़ राजा निजाम शाह का सात रानियों में से एक कमलापति थीं। जो खूबसूरत होने के साथ साहसी थीं। निजाम की हत्या के बाद वह अपने बेटे के साथ भोपाल आ गईं। रानी ने दोस्त मो.खान की मदद से अपने पति की हत्यारे को मरवाया। लेकिन खान रानी को हासिल करना चाहता था। लालघाटी में रानी के बेटे नवल और खान का युद्घ हुआ इसमें नवल की मौत हो गई। मनुआभान टेकरी से काला धुआं किया गया, जिससे रानी को पता चला कि उनके बेटे की हार हुई है। उन्हें कोई छू न पाए इसके लिए उन्होंने छोटे तालाब में जल समाधि ले ली। यहीं पर महल का खजाना भी गिरवा दिया। इसके बाद वह इतिहास के पन्नो पर अमर हो गईं।

इनका कहना

रानी कमलापति की प्रतिमा छोटे तालाब पर स्थापित करने के लिए जगह तय हो चुकी है। 22 फरवरी तक एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद आगामी तीन चार महीने में भव्य प्रतिमा स्थापित होगी - ओपी भारद्वाज, नगरयंत्री ननि

Source:Agency

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