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तीन सप्ताह में अमेरिकी सरकार में दूसरी बार शटडाउन

By Outcome.c :09-02-2018 07:43


वाशिंगटन । अमेरिकी संघीय सरकार को एक बार फिर से शटडाउन का सामना करना पड़ सकता है। अगर ऐसा हो जाता है तो  पिछले तीन सप्ताह में यह अमेरिका में दूसरा शटडाउन होगा। शुक्रवार को अमेरिकी कांग्रेस के समय पर एक बजटीय प्रावधान पारित नहीं करने की वजह से अमेरिका को 'शट डाउन' का सामना करना पड़ेगा। केंटुकी के रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने उम्मीदों को उस समय झटका दे दिया जब उन्होंने हाउस में हो रहे खर्चे की सीमा को मेनटेन करने के संशोधन पर चेंबर में बहस करने की मांग की।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी हाउस में भारी खर्च पर नाराजगी जाहिर करते हुए रिपब्लिकन सांसद रैंड पॉल ने एक संशोधन पर बहस के लिए मांग की थी जिससे खर्च पर नियंत्रण रखा जा सके। पॉल ने इस दौरान गुस्से में कहा, आज मैं यहां इसलिए हूं इसका कारण है कि लोगों को मौके से रूबरू कराना है। मैं लोगों को असुविधाजनक महूसस कराना चाहता हूं।
मैं चाहता हूं कि उन्हें जवाब मिले जो कहते हैं कि 'आप राष्ट्रपति ओबामा के शासन काल में हुए घाटे के खिलाफ कैसे आए और फिर अब रिपब्लिकन घाटे में कैसे आ गई? बता दें कि बुधवार की रात 600 से अधिक पन्नों के डील का दस्तावेज जारी किया गया था। जिसमें बड़े और छोटे बजट प्रावधानों का खुलासा किया था। उस समय सीनेटर पॉल ने जाना कि हाउस में बेहिसाब खर्च बढ़ रहा है। 

पिछले महीने भी हुआ था शटडाउन
पिछले महीने अमेरिकी सीनेट के एक फैसले से डोनाल्ड ट्रंप सरकार को आंशिक और अनिश्चित बंद का धक्का लगा था। क्योंकि ऐसे स्थिति में आर्थिक मंजूरी के अभाव में देश में सरकारी कामकाज ठप हो जाता। रिपब्लिकन द्वारा पेश किए गए बजट प्रस्ताव के पक्ष में समर्थन में ज्यादा वोट मिले, लेकिन वे पर्याप्त नहीं थे। बजट प्रस्ताव के समर्थन में 50 वोट पड़े बल्कि खिलाफ 48 वोट थे। लेकिन ये संख्या फंड को स्वीकार करने के लिए अपर्याप्त थी, जिन्हें 60 सीनेटर्स के समर्थन की आवश्यकता थी। 

जानिए क्या होता है अमेरिकी शटडाउन

- अमेरिका में एंटीडेफिशिएंसी एक्ट लागू है।

- इस एक्ट के तहत अमेरिका में पैसे की कमी होने पर संघीय एजेंसियों को अपना कामकाज रोकना पड़ता है, यानि उन्हें छुट्टी पर भेज दिया जाता है।

- इस दौरान उन्हें वेतन भी नहीं दिया जाता।

- ऐसी स्थिति में सरकार संघीय बजट लाती है, जिसे प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में पारित कराना जरूरी होता है।
 

Source:Agency

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