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प्रदेश में शंकराचार्य की खड़ाऊं यात्रा पर हुआ एक और विवाद

By Outcome.c :12-01-2018 08:42


भोपाल। प्रदेश में शंकराचार्य की एकात्म यात्रा विवादों में आ गई है। पहले एक मुस्लिम कलेक्टर ने चरण पादुका को सिर पर रखा था, अब एक कलेक्टर पर इस यात्रा के दौरान भगवा झंडा लहराने के आरोप लग रहे हैं।

इससे पहले मंडला की मुस्लिम कलेक्टर सूफिया फारूकी इस यात्रा का स्वागत करने के बाद निशाने पर आ गई थीं। अब विदिशा के कलेक्टर अनिल सुचारी को यात्रा के दौरान भगवा झंडा फहराते देखे जाने की बात सामने आई है।

एमपी के जिला कलेक्टर इन दिनों अनोखी ड्यूटी निभा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से आयोजित एकात्म यात्रा के दौरान कलेक्टर भगवा झंडा फहराकर और सिर पर आदि शंकराचार्य की चरण पादुका या खड़ाऊं लेकर यात्रा में आने वाले लोगों का स्वागत कर रहे हैं।

इस यात्रा का मकसद खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फुट ऊंची प्रतिमा के लिए धातु इकट्ठा करना है। एकात्म यात्रा के दौरान भगवा झंडा फहराने के आरोपों में घिरे सुचारी अकेले कलेक्टर नहीं है। उनसे पहले दमोह के जिला कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा पर भी भगवा झंडा फहराने के आरोप लगे थे।

पिछले हफ्ते मंडला की जिला कलेक्टर सूफिया फारूकी ने भी यात्रा का स्वागत किया। यही नहीं, वह जिले के बीजेपी नेताओं के साथ पूजा में शामिल हुईं और शंकराचार्य की चरण पादुका अपने सिर पर लेकर एक किमी तक चलीं।

‘सिविल सर्विस के नियमों का उल्लंघन’: जिला कलेक्टरों की इस ड्यूटी से मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस में आक्रोश है। विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी से नजदीकी दिखाते हुए कलेक्टर इस एकात्म यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं, जो सिविल सर्विस के नियमों का उल्लंघन है। एकात्म यात्रा की शुरुआत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन जिले से 19 दिसंबर को की थी।

मंगलवार को जब यह एकात्म यात्रा विदिशा से शुरू हुई, तो जिला कलेक्टर अनिल सुचारी यात्रा के शुरुआती स्थल, बड़े वाले महादेव मंदिर पर मौजूद थे। वह अपने हाथ में भगवा झंडा लिए हुए नजर आए। जिले के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते कलेक्टर ने न सिर्फ यात्रा का स्वागत किया, बल्कि कई बीजेपी नेताओं के साथ चरण पादुका की पूजा भी की। वह संत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए आदि शंकराचार्य की चरण पादुका लेकर कुछ कदमों तक चले।

ट्विटर पर शेयर किया था फोटो: मध्य प्रदेश बीजपी इकाई ने पिछले हफ्ते मंडला की जिला कलेक्टर सूफिया फारूकी के इस काम का प्रचार करने में समय नहीं गंवाया था। राज्य बीजेपी के मीडिया इंचार्ज लोकेंद्र पराशर ने टि्वटर पर उनकी फोटो को शेयर करते हुए इस अंदाज को सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताया।

इस घटना पर मचे सियासी विवाद के बीच राज्यसभा में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट किया, ‘सूफिया जी, यह यात्रा कुछ भी नहीं, बल्कि राजनीति है। कलेक्टरों और अफसरों को राजनीति से दूर रहने और इस तरह के किसी कार्यक्रम से सम्मानजनक दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।’

उधर, नेता विपक्ष अजय सिंह ने कहा कि वह मुख्य सचिव को पत्र लिखेंगे और उनसे पूछेंगे कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों को इस तरह के कामों की इजाजत है।

Source:Agency

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