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मनमोहन के आर्थिक सुधार से 1.1% हो गई थी GDP

By Outcome.c :07-01-2018 06:22


नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शनिवार को कहा कि पिछली तीन तिमाहियों से देश की आर्थिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं और 2018-19 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अधिक तेज रहेगी। राजीव कुमार केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने के अनुमान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। राजीव कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जब मनमोहन सिंह 1991-92 में सुधार लेकर आए थे तब हमारी जीडीपी 1.1 तक गिर गई थी। तुलना करें तो यह उपलब्धि है कि जीएसटी और नोटबंदी जैसे सुधारों के बावजूद हमारी जीडीपी में बड़ी गिरावट नहीं आई है। साल 2018-19 में जीडीपी की वृद्धि दर और रफ्तार पकड़ेगी नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में जीडीपी की वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे पूरे वर्ष की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी। साल 2018-19 में जीडीपी की वृद्धि दर और रफ्तार पकड़ेगी। राजीव कुमार ने कहा कि 1991-92 में जब मनमोहन सिंह रिफॉर्म्‍स लेकर आए थे तब हमारी जीडीपी 1.1 ही रह गई थी। उसकी तुलना में यह तो एक उपलब्धि है कि जीएसटी और नोटबंदी जैसे बड़े बदलावों के बावजूद हमारी जीडीपी में उतनी कमी नहीं आई। उधर, आधिकारिक आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले साल के मुकाबले इस साल देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी रहेगी। ये बयान टीसीए अनंत की ओर से आर्थिक आंकड़ों की घोषणा करने के बाद आया है राजीव कुमार का यह बयान मुख्य सांख्यिकीविद टीसीए अनंत की ओर से आर्थिक आंकड़ों की घोषणा करने के बाद आया है। अनंत ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार 2017-18 में धीमी रहेगी और विकास दर पिछले साल 2016-17 में दर्ज की गई 7.1 फीसदी के मुकाबले इस साल 6.5 फीसदी रहेगी। पहली तिमाही में देश की जीडीपी कम होकर 6 फीसदी से भी नीचे चली गई थी गौरतलब है कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी कम होकर 6 फीसदी से भी नीचे चली गई थी। हालांकि सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 6.3 फीसदी रही जबकि पहली तिमाही में यह आंकड़ा 5.7 फीसदी रहा था, जो पिछले तीन सालों की सबसे कमजोर ग्रोथ रेट थी।  

Source:Agency

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